सुशांत सिंह राजपूत और अर्णव गोस्वामी के बीच की कड़ी

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  जबसे सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु हुई है इस मामले में ने बहुत ज्यादा तूल पकड़ा है। इसमें मुंबई पुलिस, महाराष्ट्र सरकार की तो किरकिरी हुई ही है साथ मेंबॉलीवुड के कर्मों के बारे में भी लोग को पता चला है। जब यह मामला आगे बढ़ा था तब इस मामले को आगे बढ़ाने वाले कुछ ही पत्रकार और कुछ नामचीन हस्तियां सामने आई थी। सुब्रमण्यम स्वामी, अर्नब गोस्वामी, बिहार पुलिस, भारतीय जनता पार्टी, सुशांत सिंह राजपूत का परिवार और कुछ स्थानीय पत्रकारों ने इस मामले को आगे बढ़ाया। पर इन सब में सबसे आगे रहने वाले और पूरे देश में इस मामले को कोने-कोने तक पहुंचाने वालों में सबसे ऊपर नाम आता है अर्णब गोस्वामी का।अरनव गोस्वामी रिपब्लिक टीवी चैनल के प्रधान संपादक तो है ही। वह खुद इस बात का निश्चय करते हैं कि हर रात को 9:00 बजे किस मामले में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु से से जुड़े हुए कई कार्यक्रम किए। क्योंकि इस मामले में महाराष्ट्र सरकार, मुंबई पुलिस, शिव सेना, कांग्रेस और एनसीपी की किरकिरी हो रही थी इस वजह से महाराष्ट्र सरकार ने अपने बल का अनैतिक प्रयोग करते हुए अरनव गोस्वामी को सबक...

सुन ले बेटा पाकिस्तान

हिंदुस्तान की फुंगी पर लटका पाक,

जिसके इरादे हैं खतरनाक नापाक।

सीमा पार से भेजकर आतंकवाद,

करना चाहता है भारत बर्बाद।

खुद की मरने की नौबत है,

भविष्य का नहीं ठिकाना है।

भारत को परेशान करने की हरकत,

नादानी है बचकाना है।

यूपी जितनी जनसंख्या वाला वह पारक नामुराद है,

भारत से पंगा ले सके उसकी क्या औकात है।

नहीं उसे भारत की असीम ताकत का अंदाजा,

कश्मीर हड़पने का विचार रखता है गंदा सा।

हम एक बार करने पर आए तो कोहराम मचा देंगे,

नंगा करके इमरान को लाहौर में नचवा देंगे।

जितनी ताकत हो एक एक आतंकी में डाल रहे हैं,

उतनी ताकत भारत के बच्चे बच्चे पाल रहे हैं।

सेना में इतनी ताकत है पाक का नामोनिशान मिटा देंगे,

विश्व मानचित्र में अदना सा बदलाव करवा देंगे।

इमरान की खाल में भूसा भरवा देंगे,

आई एस आई का नाम आई एम सॉरी इंडिया रखवा देंगे।

भारत के सपूतों को देश की आन प्यारी है,

संभल जाएं उन्हें अभी भी अगर अपनी जान प्यारी है।

जेएनके का ख्वाब देखने वालों सुन लो,

तुम कितना भी ताना-बाना बुन लो,

अंत में तुम्हें बस मौत को ही चुनना होगा,

क्योंकि जिंदगी में तुम्हारी बस रोना और सिसकना होगा।

घुटनों के बल चलना और कूल्हों के बल्कि सरकना होगा, क्योंकि जिंदगी में तुम्हारी बस रोना और सिसकना होगा।

जितने तुम्हारे सेना में बम है धमाके हैं,

उतने तो दिवाली में हम बजाते पटाखे हैं।

तीन बार के जिस इतिहास को तुमने भुला दिया,

जब तुम खुद अंडों को हमने मौत की नींद सुला दिया।

पर आज तुमने फिर से बारूद सुलगा दिया,

तो ठीक है धमाके सुनने को तैयार रहो

मौत तुम्हारे करीब है,

अब बस उसकी राह तको।

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