सुशांत सिंह राजपूत और अर्णव गोस्वामी के बीच की कड़ी

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  जबसे सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु हुई है इस मामले में ने बहुत ज्यादा तूल पकड़ा है। इसमें मुंबई पुलिस, महाराष्ट्र सरकार की तो किरकिरी हुई ही है साथ मेंबॉलीवुड के कर्मों के बारे में भी लोग को पता चला है। जब यह मामला आगे बढ़ा था तब इस मामले को आगे बढ़ाने वाले कुछ ही पत्रकार और कुछ नामचीन हस्तियां सामने आई थी। सुब्रमण्यम स्वामी, अर्नब गोस्वामी, बिहार पुलिस, भारतीय जनता पार्टी, सुशांत सिंह राजपूत का परिवार और कुछ स्थानीय पत्रकारों ने इस मामले को आगे बढ़ाया। पर इन सब में सबसे आगे रहने वाले और पूरे देश में इस मामले को कोने-कोने तक पहुंचाने वालों में सबसे ऊपर नाम आता है अर्णब गोस्वामी का।अरनव गोस्वामी रिपब्लिक टीवी चैनल के प्रधान संपादक तो है ही। वह खुद इस बात का निश्चय करते हैं कि हर रात को 9:00 बजे किस मामले में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु से से जुड़े हुए कई कार्यक्रम किए। क्योंकि इस मामले में महाराष्ट्र सरकार, मुंबई पुलिस, शिव सेना, कांग्रेस और एनसीपी की किरकिरी हो रही थी इस वजह से महाराष्ट्र सरकार ने अपने बल का अनैतिक प्रयोग करते हुए अरनव गोस्वामी को सबक...

चीन को क्यों रोकना चाहिए सबसे शक्तिशाली विश्व शक्ति बनने से


चीन की ताकत नहीं है लोगों की ताकत:-
चीन में लोकतंत्र नहीं है। चीन ने जो भी ताकतवर जीत की है वहां उसको एक विश्व फैक्टरी बनने के बाद मिली है। यह एक सामरिक ताकत है।चीन अपने नागरिकों से बंधुआ मजदूरों की तरह मजदूरी कर आता है और इसी वजह से वह कम दाम पर अपना सामान पूरे विश्व में बेच पाता है। चीन में लोगों को बहुत कम अधिकार है। उन्हें एक निष्पक्ष सूचनाएं नहीं मिलती। चीन के नागरिकों को सरकार कभी भी किसी भी बात पर गिरफ्तार करके कोई भी सजा दे सकती है। अगर चीन विश्व शक्ति बनता है तो बाकी के देश भी इसी तरह की नीति अपनाएंगे और उनके नागरिकों के अधिकार कम से कम होते जाएंगे। लोकतंत्र का पूरे विश्व से अंत हो जाएगा।


चीन की विदेश नीति का एक नियम है कि उसका कोई नियम नहीं है:-

ऐसा कई बार चीन की ओर से किया गया है कि चीन ने बोला कुछ और है और किया कुछ और है। जैसे भारत और चीन के पहले युद्ध में चीन ने हिंदी चीनी भाई भाई का नारा देकर भारत पर आक्रमण कर दिया। भारत इस जल को पहचान नहीं पाया और उसको बहुत समय लग गया आक्रमण का जवाब देने में।जब तक भारत जवाब देने लायक हो पाता चीन ने भारत की जमीन को कब्जा कर लिया और युद्धविराम घोषित कर दिया।
इसी तरह से चीन ने दूसरों को भी धोखाधड़ी का शिकार बनाया है। ऐसी शक्ति अगर विश्व ताकत बनती है तो पूरी दुनिया में धोखाधड़ी का बोलबाला हो जाएगा। कोई भी देश नियम से नहीं चलेगा और चारों तरफ अफरा-तफरी रहेगी। और विश्व युद्ध पर विश्व युद्ध होते जाएंगे जब तक दुनिया तबाह नहीं हो जाती।


मुसीबतों से निपटने के लिए चीन करता है अमानवीय निर्णय:-
चीन ने तिब्बत पर जबरन कब्जा किया।और वहां के विरोध को कुचलने के लिए चीन ने शांतिप्रिय बौद्ध भिक्षुओं को मारना शुरू कर दिया। चीन के सैनिक निहत्थे व्यक्तियों पर गोली चलाने से बिल्कुल भी नहीं कतराते हैं।
अपने देश में मुस्लिम कट्टरवाद से निपटने के लिए चीन ने सारे मुसलमानों को बंदी बना लिया। वहां पर कई लाख मुसलमान अभी तथाकथित सुधार गृह में रहते हैं जहां पर उन्हें अमानवीय यातनाओं से गुजरना पड़ता है। अगर चीन सबसे बड़ी विश्व शक्ति बनता है तो इस तरह की घटनाओं में और भी बढ़ोतरी होगी।


चीन नहीं करता है अपने पड़ोसी देशों की सीमाओं का आदर:-
चीनी जहाज ताइवान के हवाई क्षेत्र में जबरन घुसते रहते हैं रहते हैं।
जापान के कई द्वीपों को चीन हमेशा अपना बताता रहता है।
चीन ने हांगकांग पर जबरन कब्जा कर रखा है।
चीन की नौकाएं इंडोनेशिया के समुद्री क्षेत्र में हमेशा घुसती रहती हैं।
चीन प्रशांत महासागर में अपनी पनडुब्बियां लेकर गुस्सा रहता है
रूस के भी एक शहर को चीन बताता है अपना।
भारत के कई राज्यों को भी चीन बताता है अपना।
चीन नेपाल की जमीनों पर भी शुरू कर दिया है कब्जा करना।
चीन पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर पर भी कब्जा करना चाहता है। अगर चीन की शक्ति और बढ़ती जाती है तो वह विश्व के और भी देशों को परेशान करेगा।



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